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स्वागतम केंद्रीय कर्मचारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान

 

केंद्रीय कर्मचारी प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (सी एस टी ए आर आई) की स्थापना श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के रोजगार एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीईटी) के अधीन वर्ष 1968 में संघीय गणतंत्र जर्मन की सरकार के सहयोग से हुई। सीएसटीएआरआई देश का एक प्रमुख संस्थान है जिसका कैम्पस लगभग 16 एकड़ में फैला है। यह संस्थान सेक्टर- 5, सॉल्ट लेक, कोलकाता में स्थित है जो देश के पूर्वी क्षेत्र का सबसे बडा सूचना प्रौद्योगिक केंद्र है। सीएसटीएआरआई अप्रैल 2015 से प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी), कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अधीन है।

 

संस्थान की विभिन्न परिचालन गतिविधियाँ दो विंगों- अनुसंधान विंग एवं प्रशिक्षण विंग द्वारा निष्पादित की जाती हैं तथा शिल्पकार प्रशिक्षण, शिल्प अनुदेशक प्रशिक्षण, मॉड्यूलर नियोजनीय कौशल एवं सीओई के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से संबद्ध हैं।

 

अनुसंधान विंग की गतिविधियाँ:

वर्तमान एवं भविष्य के व्यवसायों/ ट्रेडों, जिनमें प्रशिक्षण दिया जा सकता है, के व्यावसायिक प्रालेखों की पहचान करने के उद्देश्य से प्राग्ज्ञान एवं कौशल विश्लेषण का संचालन करना।

 

इस तरह के विश्लेषण के आधार पर विभिन्न व्यवसायों के लिए व्यवसाय पाठ्यक्रम का विकास एवं अभिकल्पन करना।

 

व्यावसायिक प्रशिक्षण की उचित पद्धतियों, तकनीकों, प्रक्रियाओं एवं प्रणालियों के विकास के लिए अध्ययन और विश्लेषण का संचालन करना।


परिणाम आधारित प्रारुप के अनुसार पाठ्यक्रम विकसित करना तथा उस पाठ्यक्रम को प्रशिक्षण महानिदेशालय की विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं जैसे सीटीएस (CTS), एटीएस (ATS) एवं सीआईटीएस (CITS) के लिए राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (NSQF) के साथ संरेखित करना और निरंतर पुनरीक्षित करते रहना।


प्रशिक्षण विंग की गतिविधियाँ:

कौशल प्रशिक्षण देने से जुड़े हितधारकों की क्षमता का निर्माण करना। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान एवं अन्य व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों के अनुदेशकों के लिए शिक्षाशास्त्र का प्रशिक्षण संचालित करना।


परिणाम आधारित पाठ्यक्रम के बेहतर कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (NSQF) पर प्रशिक्षण आयोजित करना।


सीएसटीएआरआई के प्रशिक्षण विंग को देश भर में एनएसटीआई (NSTI) के मास्टर ट्रेनरों के लिए एनएसक्यूएफ (NSQF) प्रशिक्षण देने और भारतीय अभियंता सेवाओं के माध्यम से भर्ती हुए आईएसडीएस (ISDS) कैडर के अधिकारियों के लिए “प्रवेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम” (Induction Training Programme) संचालित करने की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।